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अमर शहीद गुलजार सिंह की शौर्य गाथा (Amar Shaheed Gulzar Singh Ki Shaurya Gatha)

"अमर शहीद बाबू गुलज़ार सिंह : बलिदान की अमर गाथा"

by डॉ. श्याम वृक्ष मौर्य, लालबहादुर चौरसिया ‘लाल’ (Dr. Shyam Vriksh Maurya, Lalbahadur Chaurasia 'Lal')
₹150

अमर शहीद बाबू गुलजार सिंह ने सन् 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध अदम्य साहस और वीरता का परिचय देते हुए मंदुरी, आजमगढ़ की पावन धरती पर अपने प्राणों की आहुति दी। उनका त्याग, शौर्य और राष्ट्रभक्ति स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत का महत्वपूर्ण अध्याय है। किंतु समय के साथ उनकी वीरगाथा इतिहास के पन्नों में कहीं धुंधली पड़ गई।
यह स्मारिका अमर शहीद बाबू गुलजार सिंह के अदम्य साहस, देशप्रेम और सर्वोच्च बलिदान को स्मरण करने तथा उनकी गौरवगाथा को नई पीढ़ी और जनमानस तक पहुँचाने का एक विनम्र प्रयास है, ताकि उनकी शहादत सदैव हमारी स्मृतियों में जीवित रहे और आने वाली पीढ़ियाँ उनके त्याग से प्रेरणा प्राप्त करती रहें।
आजमगढ़ केवल अपनी साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए ही नहीं, बल्कि स्वतंत्रता संग्राम में अपने वीर सपूतों के साहस, संघर्ष और बलिदान की गौरवशाली परंपरा के लिए भी जाना जाता है।

PublisherSpeech Publications
Authorडॉ. श्याम वृक्ष मौर्य, लालबहादुर चौरसिया ‘लाल’
LanguageHindi
Pages60
Edition2026
CoverPaperback
Price150
CategoryHistory

1 Comments

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Sanni
September 25, 2026 at 8:39 pm

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